तीन बहनों की एक साथ चुदाई - भाग २
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अमित इधर नीता को चोदने की तैयारी कर रहा था कि उसने देखा कि निशा और नन्दिनी भी अपना- अपना बदन सहला रही हैं और बड़े गौर से अमित और नीता का चल रहा जवानी का खेल देख रही हैं। अमित समझ गया कि वो अब इन तीनों बहनों के साथ कुछ भी कर सकता है और यह तीनों बहनें अब उसके काबू में हैं और वो जो भी चाहेगा वही कर सकता है। अमित ने फिर से अपना ध्यान नीता के शरीर पर डाला। अमित ने नीता की चूची को ब्लाउज़ के ऊपर से मसलते हुए अपना हाथ उसके ब्लाउज़ के अन्दर ले गया और जोर-जोर से नीता की दोनों चूचियों को पकड़ कर दबाने लगा। कभी-कभी वो अपनी दो अंगुली के बीच नीता की निप्पल को लेकर मसल रहा था और नीता अमित के कन्धो से लिपटी चुप चाप आँखें बंद करके अपनी चूची मलवा रही थी। अमित ने फिर धीरे-धीरे नीता की ब्लाउज़ और ब्रा को खोल दिया और नीता की कसी-कसी चूची को देखने लगा।
नीता ने तब अपनी आँखें अमित की आँखों में डाल कर पूछा, “सर, कैसी है हमारी चूचियाँ, आपको पसंद तो हैं?” अमित नीता की चूची को देख कर पहले ही पागल सा हो गया था और उसकी चूची को सहलाते हुए बोला, “नीता मैडम, तुम मेरी पसंद नापसंद पुछ रही हो? और आज तक मैंने इतनी सुंदर चूची कभी नहीं देखी है। तुम्हरी चूची बहुत सुंदर है और यह मुझे पागल बना रही है। इनको देख कर मैं अपने आप को रोक नहीं पा रहा हूँ।” नीता बोली, “मेरी चूची देख कर आपको क्या हो रहा है?” अमित बोला, “हाय! मैं अब तुम्हारी इन चूचियों को चूसना और काटना चाहता हूँ,” और यह कह कर नीता की एक चूची अपने मुँह में भर ली और मज़े ले ले कर चूसने लगा।
अपनी चूची की चुसाई शुरु होते ही नीता पगला सी गयी और अपने हाथ बढ़ा कर अमित का लंड उसकी लुंगी के ऊपर से ही पकड़ कर मरोड़ने लगी। नीता की गर्मी देख कर अमित ने अपने हाथ से अपनी लुंगी उतार दी और फिर से नीता की एक चूची को मुँह में लेकर चूसने लगा और दूसरी चूची अपने हाथों में लेकर मसलने लगा। नीता अब अपने आप को रोक नहीं पाई और अपने हाथ से अमित का अंडरवियर उतार दिया। अमित का अंडरवियर उतारते ही अमित का सात इंच का लंड बाहर आ कर अपने आप झूमने लगा मानो वो इन हसीन बहनों को अपना सलाम बज़ा रहा हो। तीनों बहनें अमित का लंबा और मोटा लंड देख कर दंग रह गयी।
अमित ने अब नीता को अपनी गोद में उठाया और फिर पलंग पर लिटा दिया। नीता को लिटाने के बाद अमित ने नीता की साड़ी को उसकी कमर से खींच कर निकाल दिया और नीता पलंग पर सिर्फ़ पेटीकोट पहने चित्त लेटी हुई थी। अमित नीता की चूत को उसके पेटीकोट के ऊपर से पकड़ कर दबाने लगा। नीता की चूत अपने हाथों से दबाते हुए उसने नीता के पेटीकोट का नाड़ा खोल दिया। नीता ने भी पेटीकोट का नाड़ा खुलते ही अपनी कमर ऊपर कर दी जिससे कि अमित उसके पेटीकोट को उसके चूतड़ के नीचे से आसानी से निकाल सके। अमित ने नीता का पेटीकोट उसके फुले-फुले चूतड़ के नीचे कर दिया और फिर उसको नीता के पैर से अलग कर पलंग के नीचे फेंक दिया। अब नीता अमित के सामने अपने गुलाबी रंग की पैंटी और वही गुलाबी रंग की ऊँची हील वाली सैंडल पहन कर लेटी हुई थी। अमित अब अपना मुँह नीता की चूत के पास ले गया और उसकी पैंटी के ऊपर से उसको चूमने लगा। इधर अमित नीता को नंगा कर रहा था उधर नीता भी चुप नहीं थी। नीता अमित का लंड हाथ में लेकर ऊपर नीचे करने लगी और फिर उसके लंड का सुपाड़ा खोल कर उसको अपने मुँह में ले लिया और जीभ से चाटने लगी। अमित का लंड अब और भी कड़क हो गया। तब तक अमित, नीता की चूत उसकी पैंटी के ऊपर से ही अपनी नाक लगा कर सूंघ रहा था और चूम रहा था। जैसे ही नीता अमित का लंड अपने मुँह में भर कर चूसने लगी, अमित ने नीता की पैंटी भी उतार कर, नीता को पुरी तरह से नंगी कर दिया। नीता के शरीर पर अब उसकी सैक्सी सैण्डल के अलावा और कुछ भी नहीं था। नंगी होने से वह अब शरमा रही थी और अपना चेहरा अमित की छाती में छुपा लिया। इसी दौरान अमित ने नीता की चूची को चूसना फिर से चालू कर दिया। नीता की चूचियाँ अब पत्थर के समान कड़ी हो गयी थीं। तब अमित ने नीता को फिर बिस्तर पर चित्त लिटा दिया और नीता की चूत को अपने जीभ से चाटने लगा। वो अपनी जीभ नीता के चूत के अन्दर बाहर करने लगा। अपनी चूत में अमित की जीभ घुसते ही नीता को बहुत मज़ा आने लगा और वो जोर से अमित का सर अपने चूत के ऊपर पकड़ दबाने लगी और थोड़ी देर के बाद अपनी कमर ऊपर-नीचे करने लगी। अमित जो कि चुदाई के मामले में बहुत माहिर था, समझ गया कि अब नीता अपने चूत में उसका लंड पिलवाना चाहती है।
उसने नीता का मुँह चूम कर धीरे से उसके कान पर मुँह रख कर पूछा, “हाय! नीता रानी, अपनी कमर क्यों उछाल रही हो? क्या तुम्हारी चूत में कुछ कुछ हो रहा है?” नीता बोली, “हाँ मेरे सनम, मेरे राजा तुम सही कह रहे हो, मेरी चूत में चीटियाँ रेंग रही हैं। मेरा सारा बदन टूट रहा है, अब तुम ही कुछ करो।” फिर अमित ने पूछा, “क्या तुम अपनी चूत मेरे लंड से चुदवाना चाहती हो?” नीता बोली, “अरे मेरे कपड़े सब उतार दिये और अपने कपड़े भी उतार दिये और अब भी पुछते हो क्या हम लोग चुदाई करेंगे?”
“ठीक है अब मैं तुमको चोदुँगा, लेकिन पहले थोड़ा दर्द होगा पर मैं तुम्हे बहुत ही प्यार से धीरे धीरे चोदुँगा और तुमको दर्द महसूस नहीं होने दुँगा,” अमित ने नीता से कहा। यह सुन कर अमित उठा और नीता के दोनों पैर उठा कर घुटने से मोड़ दिये और दोनों पैर अपने हाथों से फैला दिये। फिर उसने ढेर सारा थूक अपने हाथ में लेकर पहले अपने लंड पर लगाया फिर नीता की चूत पर लगाया। थूक से सना अपना खड़ा लंड चूत के मुँह पर रखा और धीरे से कमर को आगे बढ़ा कर अपना सुपाड़ा नीता की चूत में घुसा दिया और नीता के ऊपर चुपचाप पड़ा रहा। थोड़ी देर के बाद जब नीता नीचे से अपनी कमर हिलाने लगी तो अमित ने धीरे-धीरे अपना लंड नीता की चूत में डालना शुरु किया। नीता का बदन दर्द से कांपने लगा और वो चिल्लाने लगी, “बाहर निकालो, मेरी चूत फटी जा रही है। हाय! मेरी चूत फटी जा रही है। तुम तो कह रहे थे कि थोड़ा सा दर्द होगा और तुम आराम से चोदोगे। मुझे नहीं चुदवाना है, तुम अपना लंड बाहर निकालो।” अमित ने नीता के मुँह में अपना हाथ रख कर बोला, “बस रानी बस, अभी तुम्हारा दर्द खतम हो जयेगा और तुम्हे मज़ा आने लगेगा। बस थोड़ा सा और बर्दाश्त करो।”
“हाय! मेरी चूत फटी जा रही है और तुम कह रहे हो कि थोड़ा और बर्दाश्त करो। अरे मुझे नहीं चुदवानी है अपनी चूत, तुम अपना लौड़ा मेरी चूत से बाहर निकालो,” नीता बोली और उसकी आँखों से आँसू आ गये। इतनी देर में अमित ने अपनी कमर उठा कर एक जोरदार धक्का मारा और उसने महसूस किया कि उसका सारा का सारा लंड नीता की चूत में घुस गया है। नीता मारे दर्द के तड़पने लगी और अमित को अपने हाथों से अपने ऊपर से हटाने की कोशिश करने लगी। लेकिन अमित नीता को मज़बुती से पकड़े हुए था और उसका हाथ नीता के मुँह के ऊपर था इसी लिये नीता कुछ न कर सकी बस तड़प कर रह गयी। अमित ने अपना लंड नीता की चूत के अन्दर ही थोड़ी देर के लिये रहने दिया। उसने नीता की एक चूची को अपने मुँह में लेकर जीभ से सहलाना शुरु कर दिया और दूसरी चूची को हाथ से सहलाना शुरु कर दिया। थोड़ी देर बाद नीता का दर्द गायब हो गया, अब उसे मज़ा आने लगा और नीचे से अपनी कमर को ऊपर नीचे करना शुरु किया।
अमित अब धीरे-धीरे अपनी कमर हिला हिला कर अपना लौड़ा नीता की चूत में अन्दर-बाहर करने लगा। नीता ने भी अब जोरदार धक्के देना शुरु किया और जब अमित का लंड उसकी चूत में होता तो नीता उसे कस कर जकड़ लेती और अपनी चूत को सिकोड़ लेती थी। अब अमित समझ गया कि नीता को अब मज़ा आने लगा है तो वो अपनी कमर को ऊपर खींच कर अपना लंड पूरा का पूरा नीता की चूत से बाहर निकाल लेता, सिर्फ़ अपना सुपाड़ा अन्दर छोड़ देता और फिर जोर दार झटके के साथ अपना लंड नीता की चूत में पेल दे रहा था। नीता बुरी तरह अमित से लिपटी हुई थी और उसने अमित को अपने हाथ और टाँगों से जकड़ रखा था । सारे कमरे में नीता और अमित की सिसकारी और उनकी चुदाई की ‘फच’ ‘फच’ की आवाज गूँज रही थी। नीता अपने मुँह से “आह! आह! ओह! ओह! हाँ! हाँ! और जोर से, और जोर से… हाँ हाँ ऐसे ही अपना लंड मेरी चूत में पेलते रहो,” बोल रही थी। अमित फ़ुल स्पीड से नीता की चूत में अपना लंड अन्दर-बाहर करके उसको चोद रहा था और नीता बुरी तरह से अमित से चिपकी हुई थी। इतनी देर से नीता की चूत चोद रहा अमित अब झड़ने वाला था और उसने अब ८-१० धक्के काफ़ी जोरदार लगाये और अमित के लौड़े से ढेर सारा पानी नीता की चूत में गिरा और समा गया। अमित के झड़ने के साथ ही साथ नीता की चूत ने भी पानी छोड़ दिया और उसने अपने बाँहों और टाँगों से अमित को जकड़ लिया। अमित हाँफते हुए नीता के ऊपर गिर गया और थोड़ी देर तक दोनों एक दूसरे से चिपके रहे। फिर नीता उठ कर अपनी चूत में हाथ लगाये बाथरूम की तरफ़ अपनी सैण्डल खटकाती भाग गयी।
अमित इस समय बुरी तरह से थक चुका था और बेड पर पड़ा रहा, लेकिन उसका लंड अभी भी खड़ा था। उधर निशा और नन्दिनी दोनों एक दूसरे को बुरी तरह से चूम रही थीं। निशा की कमीज़ और ब्रा दोनों ज़मीन पर पड़े हुए थे और वो कमर के ऊपर बिल्कुल नंगी थी। दोनों बहनें एक दूसरे को चूमते हुए एक दूसरे की चूचियाँ भी मसल रही थीं। अमित अपनी जगह से उठ कर उन दोनों के पास चला गया और निशा के ऊँची हील वाले सैण्डल में कसे हुए चिकने पैर पर अपना हाथ फेरने लगा। निशा जो पहले ही मदहोश थी अपने पैर पर अमित का हाथ लगते ही अपने आप पर काबू नहीं रख सकी। निशा नन्दिनी को छोड़ कर अमित की तरफ़ मुड़ गयी और उसके सामने अमित बिल्कुल नंगा अपना खड़ा लंड लिये खड़ा था। अमित एक बार फिर चोदने के मूड में था। निशा ने अमित के चूतड़ को अपने दोनों हाथों से पकड़ कर अपना मुँह उसके लंड पर रगड़ने लगी। अमित का लंड अब भी नीता की चूत की चुदाई से भीगा हुआ था। अमित भी निशा को अपने दोनों हाथों में बांध कर चूमने लगा। अमित का हाथ निशा के नंगे सेक्सी शरीर पर घुम रहा था, उसका हाथ निशा की चूची पर गया और वो उन खड़ी-खड़ी चूचियों को अपने हाथों में ले कर मसलने लगा। निशा अपनी चूचियों पर अमित का हाथ पड़ते ही और जोश में आ गयी और अपना हाथ अमित के लौड़े पर रख दिया । अमित का लंड निशा की मुट्ठी में आते ही अमित निशा की एक चूची अपने मुँह में भर कर चूसने लगा और दूसरी चूची अपने हाथ में लेकर उसकी निप्पल मसलने लगा। थोड़ी देर तक निशा ने अमित के लंड को अपने हाथों में लेकर उसके सुपाड़े को खोला और बंद किया फिर एका एक उसने सुपाड़े को अपने मुँह में भर कर चाटने लगी। जैसे ही निशा ने अमित का लंड अपनी मुँह में लिया वैसे ही अमित ने खड़े खड़े अपनी कमर हिला कर अपना लंड निशा के मुँह के अन्दर पेला और बोला, “ले ले मेरी रानी, मेरा लंड अपने मुँह में लेकर इसको खूब चूस…फिर बाद में मैं इसको तुम्हारी चूत में डाल इसे चूत से चुसवाऊँगा।”
निशा ने अपनी मुँह से अमित का लंड निकाल कर कहा, “बस सिर्फ़ हमारी चूत से ही अपना लंड चुसवाओगे, गाँड से नहीं? मैं तो तुम्हारा लंड अपनी चूत और गाँड से खाऊँगी। क्या तुम मुझको अपना लंड दोनों छेदों से खिलाओगे न? थोड़ी देर के बाद, अमित ने निशा को पलंग पर ले जाकर चित्त कर के लेटा दिया और उसके पैरों के पास बैठ कर उसकी सलवार को खोलने लगा। सलवार खोलने में निशा ने अमित की मदद की और अपने चूतड़ को उठा कर अपनी सलवार को अपनी गाँड से नीचे कर के अपने पैरों से अलग कर दिया। फिर अमित ने निशा की पैंटी भी उतार दी और उसकी पैंटी उतारते ही निशा की गुलाबी कुँवारी चूत उसकी चमकती चिकनी जांघों के बीच चमकने लगी। ऊँची पेंसिल हील के काले रंग के सैंडल पहने निशा बिकुल नंगी अमित के सामने लेटी हुई थी और निशा की गुलाबी चूत को अमित अपना दम साधे देखने लगा और अपनी जीभ होंठों पे फेरने लगा।
अमित ने झुक कर निशा की चूत पर चुम्मा दिया और अपनी जीभ निकाल कर उसकी चूत की घुंडी को तीन-चार बार चाट दिया। फिर अमित ने निशा की टाँगों को फ़ैलाया और ऊपर उठा कर घुटने से मोड़ दिया और अपना लंड निशा की चूत के दरवाजे पर रख दिया। थोड़ी देर के बाद अमित अपना लंड निशा की चूत के ऊपर रगड़ने लगा और निशा मारे चुदास से अपनी कमर उठा-उठा कर अमित का लंड अपनी चूत में लेने की कोशिश करती रही। जब निशा से नहीं रहा गया तो वो बोली, “अब क्यों तड़पाते हो, कबसे तुम्हारा लंड अन्दर लेने के लिये मेरी चूत बेकरार है और तुम अपना लंड सिर्फ़ मेरी चूत के ऊपर-ऊपर ही रगड़ रहे हो। अब जल्दी करो और मुझको चोदो, फाड़ दो मेरी कुँवारी चूत को। आज मैं लड़की से औरत बनना चाहती हूँ, अब ज्यादा परेशान मत करो। जल्दी से मुझे चोदो और मेरी चूत की आग को बुझाओ।”
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