मांगलिक बहन - भाग ६

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मांगलिक बहन - भाग ६

तभी हॉल में लगे हुए स्पीकर से आवाज उभरने लगी और म्यूजिक शुरू हो गया। एक एक करके सभी लोग दूल्हा दुल्हन के सामने लगी हुई स्टेज की तरफ चले पड़े। सभी लोग एक एक करके बैठ गए और बीच में एक डांस के लिए स्टेज लग चुकी थी।

माइक पर एक आवाज उभरी:"

" देखिए मेरी आप सबसे निवेदन है कि दूल्हा और दुल्हन पक्ष के लोग अलग अलग हो जाए और फिर आज डांस का प्रोग्राम होगा और एक पक्ष को विजेता घोषित किया जाएगा।

सौंदर्या अपने भाई अजय के साथ कुर्सी पर बैठी हुई थी और उसके ठीक सामने दूल्हा पक्ष के लोग बैठे हुए थे और अशोक बार बार हसरत भरी निगाहों से उसे निहार रहा था। सौंदर्या को कहीं ना कहीं ये सब बड़ा अजीब लग रहा था क्योंकि अशोक कि नजरो में उसके लिए प्यार के साथ इज्जत भी थी।

तभी दूल्हे पक्ष से लोग आए और नाचने लगे और उसके बाद दुल्हन की तरफ से भी डांस हुआ। एक से बढ़कर एक डांस हुआ और अभी तक सब कुछ बराबरी पर चल रहा था तभी दूल्हे पक्ष से एक बड़ी खूबसूरत सी लड़की अाई और उसने शाकि शाकि गाने पर बहुत ही जबरदस्त नाच किया और उसके नाच पर जोरदार तालियां बज उठी। दूल्हा पक्ष लगभग जीत के करीब था क्योंकि दुल्हन पक्ष से राधा सपना एक एक करके सब नाच चुकी थी।

अजय:" लगता है दीदी आज की रात तो दूल्हा पक्ष के ही नाम होने वाली हैं। अब तो बस आप ही कुछ कर सकती हो।

सौंदर्या:" भाई मैं कुछ नहीं कर सकती, इतनी भीड़ में मेरी हिम्मत नहीं होती और दूसरी बात मैं एक टीचर हूं तो कहीं ना कहीं शर्म तो आती हैं। उपर से अगर मा को पता चल गया तो मुझे जान से मार देगी।

अजय:" आपकी बात हो एकदम ठीक है दीदी, लेकिन अब बात गांव की इज्जत पर अा गई है और इसे अब आप ही बचा सकती हो।

सौंदर्या:" लेकिन भाई मैं नहीं कर सकती। मा मुझे नहीं छोड़ेगी।

अजय:" दीदी एक तरीका है जिससे काम बन सकता है।

सौंदर्या:" हो क्या बताओ मुझे भी तुम भाई ?

अजय:" अगर आप मुंह पर अज्जू भाई का मास्क लगा लो तो कोई आपको पहचान नहीं पाएगा।

सौंदर्या:" बात में तो दम है अज्जू भाई, लेकिन कपडे भी तो चाहिए होंगे मुझे दूसरे।

अजय:" आप उसकी चिंता मत करो, सब मैं इंतजाम कर दूंगा क्योंकि हॉल वालो के पास सब कुछ होता है।

सौंदर्या:" ठीक है भाई, लेकिन एक बात ध्यान रखना कि ये बात सिर्फ हम दोनों के ही बीच रहेगी कि स्टेज पर मैं नाच रही हूं।

अजय:" दीदी आप मुझ पर यकीन कर सकती हैं। और ये मेरा ही तो आइडिया हैं इसलिए मैं खुद आपसे पहले फंस जाऊंगा।

सौंदर्या और अजय खड़े हुए और बाहर की तरफ चल पड़े। अजय के पूछने पर सौंदर्या ने बताया कि एक हाय गर्मी वाले गाने पर सबसे अच्छा नाच सकती हैं। अजय अंदर गया और उसके लिए गाने के हिसाब से बनाई गई ड्रेस लेकर अा गया।

सौंदर्या कपड़ों को देखते ही शर्म से लाल हो गई और बोली:"

" भाई ये कपडे तो कुछ ज्यादा ही छोटे हैं, क्या इन्हे पहन लेना ठीक होगा ? कोई दिक्कत हो गई तो ?

अजय:' कुछ नहीं होगा दीदी, देखो ना मैं आपके साथ हूं और मास्क के साथ साथ आपको ये नूरा फतोही का मास्क भी मिल रहा है देखो आप बिल्कुल उसकी तरह से ही लगोगी, अगर गलती से नूरा का मास्क हट भी गया तो अज्जु भाई का मास्क होगा आपकी पहचान छुपाने के लिए।

अजय ने जब अच्छे से समझाया तो आखिरकार सौंदर्या मान गई क्योंकि उसकी गांव की इज्जत का सवाल था और सीमा को उसके ससुराल वाले ज़िन्दगी भर ताना देते रहते।

सौंदर्या ने अंदर कमरे में जाकर अपने कपड़े बदलने शुरू कर दिए और उसकी हालत खराब होने लगी। उसकी सांसे अपने आप ही तेज रफ्तार से चलने लगी क्योंकि उसने कभी ऐसे कपडे नहीं पहने थे। एक तो कपडे छोटे थे और उपर से इतने ज्यादा टाईट कि सौंदर्या की गोल गोल ठोस चूचियां और उभरे हुए चूतड़ उनमें ठीक से समा नहीं पा रहे थे। ये सब देखकर सौंदर्या को शर्म अा रही थी। उसे समझ नहीं अा रहा रहा था कि इतने छोटे कपड़ों में अपने भाई के सामने कैसे जाए। बाहर स्टेज पर बार बार लड़की पक्ष की तरफ से डांस के लिए आवाज लगाई जा रही थी जिससे सौंदर्या को हिम्मत मिली और वो कमरे से बाहर निकल गई।

अजय को अपने सामने देखकर सौंदर्या शर्म से मरी जा रही थी। अजय अपनी बहन के इस रूप सौंदर्य और उसके शरीर के हर एक कटाव को ध्यान से देख रहा था जिससे सौंदर्या की धड़कन और तेज हो रही थी।

सौंदर्या:" भाई कोई दिक्कत तो नहीं होगी ना ?

अजय: कुछ नहीं होगा दीदी। आप आओ आराम से और पीछे की तरफ से स्टेज पर आना। ऑल द बेस्ट दीदी।

अजय बाहर हाल में अा गया और सौंदर्या पीछे की तरफ चल पड़ी। बाहर बार बार स्टेज पर लड़की की तरफ से डांस के किए आवाज लगाई जा रही थी लेकिन लड़के पक्ष की शानदार प्रदर्शन के आगे किसी को स्टेज पर जाने की हिम्मत नहीं हो रही थीं। ये सब देख देख कर बेचारी सीमा उदास होती जा रही थी वहीं दूल्हे और और उसके दोस्त मस्ती किए जा रहे थे।

एंकर:" लड़की पक्ष की तरफ से कोई नहीं अा रहा है इसलिए आज का विजेता दूल्हा...

इससे पहले कि उसकी बात पूरी होती सौंदर्या स्टेज पर अा चुकी थी और उसे देखते ही चारो तरफ सीटी गूंज उठी। सीमा के चेहरे पर एक खुशी की लहर दौड़ गई। भीड़ में ऐसा उत्साह देखकर सौंदर्या की हालत और खराब हो गई और जिससे उसकी धड़कन किसी धौंकनी की तरह चलने लगी और सफेद रंग की एक छोटी सी ब्रा में थी उसकी चूचियां ऐसे उछलने लगी मानो ब्रा को फाड़कर बाहर आना चाहती हो। ये सीन देखकर हॉल में बैठे हुए मर्दों के दिल उनके हलक में अटक गए।

तभी हाय गर्मी का गाना शुरू हो गया और सौंदर्या ने नाचना शुरु कर दिया

सौंदर्या की हर एक अदा जानलेवा साबित हो रही थी। उसकी छातियां हिलने से लोगो के लंड हिल रहे थे। नाचते हुए जैसे ही उसने टांगे चौड़ी करी तो उसकी लुंगी से उसकी काले रंग की पेंटी की नजर आ गई जिससे लोगो में हाहाकार मच गया और नशे में डूबा हुआ एक बाराती जो कि अजय के पास ही बैठा हुआ था बोल उठा:"

" हाय मेरी जान, थोड़ी और खोल दे टांगे, आह तेरी पेंटी दिख जाने दे पूरी।

अजय को बुरा तो बहुत लगा लेकिन वो चुप रहा क्योंकि ये बात उसने धीमे से बोली थी और किसी को नहीं सुनाई दी।

सौंदर्या अब पूरी तरह से अपने डांस में खो चुकी थी और वो जानती थी कि किसी को उसका पता नहीं चलने वाला हैं इसलिए वो पूरी तरह से मस्त होकर नाच रहे थी क्योंकि बजती हुई सीटियां उसका उत्साह बढ़ा रही थी। सौंदर्या ने अपनी कमर को जमीन पर टिका दिया और अपने दोनो पैर उपर हवा में उठा कर अलग अलग दिशा में फैला दिए।

उसकी दोनो टांगे चौड़ी हो गई और उसकी लुंगी हट जाने की वजह से उसकी जीन्स की कच्छी साफ नजर अाई और हॉल जैसे पूरी तरह से बेकाबू हो गया और जोर जोर से मस्ती से चिल्ला रहे थे और अजय के पास बैठा लड़का फिर से बोल उठा

" हाय तेरी चिकनी टांगें, और फैलाई तो फट जायेगी और तेरी चूत सबको दिख जाएगी। क्या कमाल हैं तू।

अजय अपनी बहन के बारे में इतनी गंदी बातें सुनकर गुस्सा होने की बजाय शांत था क्योंकि उसका खुद का लंड खड़ा हो गया था और खड़ा लंड दिमाग को खत्म कर देता हैं और कुछ ऐसा ही उसके साथ हो रहा था।

तभी सौंदर्या फर्श पर पेट के बल लेट गई और उसने अपनी गांड़ को हवा में उठा उठा कर हिलाना शुरू कर दिया।

सौंदर्या की गांड़ ऐसे मटक रही थी मानो कोई उसे पकड़ पकड़ कर हिला रहा हो और उसकी टांगे फर्श से टकरा रही थी मानो वो जमीन पर धक्के लगा रही थी। ये बस लोगो के सब्र की इंतहा थी और लोग अपनी सीटों पर खड़े हो गए और कुछ तो स्टेज पर ही चढ़ गए और नाचने लगे।

सौंदर्या की इस जानलेवा हरकत से बेकाबू अजय का हाथ कब उसके लंड पर पहुंच गया उसे पता ही नहीं चला। जैसे ही गाना खत्म हुआ तो अजय को एहसास हुआ कि वो पेंट के उपर से ही अपना लंड सहला रहा था अपनी बहन को देखकर।

उसे शर्म महसूस हुई और उसने हाथ हटा लिया और उधर स्टेज पर सौंदर्या जैसे ही खड़ी हुई तो उसका नूरा वाला मास्क नीचे गिर गया और अज्जु भाई का मास्क सामने आ गया।

सौंदर्या तो एक पल के लिए डर गई लेकिन फिर वो पीछे की तरफ़ से बाहर निकल गई लेकिन अज्जु भाई का मास्क देखते ही शादी में आए हुए मनोज के साथ बैठे हुए गुंडे की आंखे हैरत से फैलती चली गई और ये सब मनोज देख चुका था।

सौंदर्या तेजी से चलती हुई पीछे के रास्ते से बाहर निकल गई और अजय भी वहां पहुंच चुका था। मास्क गिरने और तेजी से चलने के कारण सौंदर्या की चूचियां उछल उछल पड़ रही थी। अजय की नजर अपने आप ही उसकी चुचियों पर टिक गई और सौंदर्या को जैसे ही एहसास हुआ कि उसका भाई उसकी चूचियों को ललचाई नज़रों से देख रहा है वो उसे बहुत ज्यादा शर्म अाई और एक पल के लिए तो जैसे उसे यकीन ही नहीं हुआ।

तभी बाहर स्पीकर पर आवाज उभरी:"

" दुल्हन पक्ष की और से किए गए इस शानदार प्रदर्शन के आगे सब बेकार हैं इसलिए आज दुल्हन पक्ष की जीत हुई।

ये आवाज कानो में पड़ते ही सौंदर्या के चेहरे पर खुशी की लहर दौड़ गई और वो तेजी से साथ खुशी से उछलती हुई आगे बढ़ी और अपने भाई के गले लग गई और बोली:"

" भाई देखो मैं जीत गई। हमने हर दिया हैं दूल्हे पक्ष को आज।

सौंदर्या जैसे ही अजय के गले से लगी तो अजय के हाथ अपने आप ही उसकी नंगी कमर पर कसते चले गए। सौंदर्या के जिस्म से उठती हुई मादक परफ्यूम की खुशबू ने अजय को मदहोश कर दिया और वो उसकी आंखो में देखते हुए बोला:"

" हान दीदी सचमुच कमाल कर दिया आपने। क्या गजब का डांस किया आपने बिल्कुल रबड़ की गुड़िया की तरह आपका जिस्म मटक रहा था।

सौंदर्या अपने भाई के मुंह से अपने तारीफ सुनकर और ज्यादा खुश हो गई और उससे पूरी तरह से कसकर लिपट गई जिससे अजय का तना हुआ लंड उसकी जांघो में टकराया और सौंदर्या एक पल के लिए कांप उठी और बोली:'

" भाई ये सब तुम्हारी वजह से हुआ। ना तुम मुझे कपडे और मास्क देते और ना ही डांस होता।

सौंदर्या के कसकर लिपटने की वजह से उसकी ठोस पुष्ट गोल गोल चूचियां अजय में सीने में धंस सी गई और अजय बेचैन सा हो गया और उसकी उंगलियां अपने आप ही सौंदर्या की चिकनी कमर पर फिरने लगी और अजय बोला:"

" फिर मेरे लिए इनाम तो बनता है ना दीदी। क्या मुझे मेरी प्यारी दीदी एक किस देगी ?

सौंदर्या लंड के एहसास से मचल उठी थी और उपर से उसकी कमर पर घूमती हुई अजय की उंगलियां उसे बेचैन कर रही थी और वो अदा के साथ बोली:"

" किस की तो बात ही मत करो तुम। पहले किस करो और फिर तुम्हारा मुंह भी मुझे भी साफ करना पड़ता है बच्चे। जाओ अपना काम करो।

इतना कहकर एक झटके के साथ सौंदर्या उसकी पकड़ से निकल गई और अंदर कमरे में अपने कपड़े बदलने के लिए घुस गई।

कपडे बदलने के बाद सौंदर्या बाहर अा गई और दोनो एक बार फिर से शादी के हॉल में अा गए। राधा और सपना दोनो सीमा के पास बैठी हुई थी जबकि अशोक कुमार की बेचैन निगाहें सौंदर्या को देखते ही थोड़ा शांत हो गई।

धीरे धीरे एक एक करके शादी कि रस्म पूरी होने लगी और देर रात तक फेरे होते रहे। सौंदर्या जब भी नजर उठाती तो अक्सर उसने अशोक को अपनी तरफ देखते हुए पाया और कहीं ना कहीं उसे उसकी निगाहें बेचैन कर रही थी।

सारी की सारी रस्में पूरी होते होते रात के दो बज गए और अब हॉल के अंदर कुछ खास लोग ही बचे हुए थे। अशोक दूल्हे रमेश का खास दोस्त था और एक बहुत ही बड़ी कंपनी का मालिक था।

वो रमेश के बार बार बोलने के बाद शादी में आया हुआ था और उसने सौंदर्या को देखा तो उसके मन में लडू फूट पड़े थे और वो बार बार बस सौंदर्या को ही निहार रहा था।

अजय शादी के कामो में लगा रहा और उसकी सौंदर्या से कोई बात नहीं हुई। अंत में विदाई का समय नजदीक अा गया और माहौल काफी गंभीर नजर आ रहा था।

सीमा के पापा:" बेटी तुमने हमेशा मेरा सिर गर्व से ऊंचा रखा हैं और आगे भी रखोगी।

सीमा की आंखे भर आई और अपने पापा के गले लग गई। एक एक करके वो भारी मन से सबसे मिली और अंत में वो गाड़ी में बैठ गई। सौंदर्या भी वहीं खड़ी हुई थी और काफी भावुक हो गई थी ये सब देख कर।

तभी सपना और राधा गाड़ी के पास पहुंच गई और सपना अंदर मुंह करके सीमा के कान में कुछ बोली तो सीमा के होंठो पर स्माइल अा गई और उसने सपना को थप्पड़ जैसा इशारा किया तो सपना और राधा खिलखिला कर हंस पड़ी। राधा ने सीमा को अपने हाथ की सात उंगलियां दिखाई और ये इशारा सौंदर्या समझ गई कि ये उसे रात को होने वाली चुदाई के लिए बोल रही है।

सौंदर्या के होंठो पर भी स्माइल अा गई और फिर अंदर ही अंदर ही सीमा के लिए फिक्रमंद भी हुई कि आज रात बेचारी का क्या हाल होने वाला हैं।

सीमा की गाड़ी निकल गई और पीछे पीछे सभी गाडियां चली गई। उसके बाद सभी लोग अपने घर कि तरफ चल पड़े। अजय बुरी तरह से थक गया था इसलिए घर आते ही सो गया। सौंदर्या और कमला भी थके होने के कारण नींद के आगोश में चले गए।

अगले दिन सुबह सभी देर तक सोते रहे और करीब 10 बजे के आस पास कमला की आवाज गाड़ी का हॉर्न सुनकर खुली तो उसने देखा कि 10 बज गए हैं और दिन पूरी तरह से हो गया था और सूरज भी सिर पा धीरे धीरे अा रहा था तो उसे हैरानी हुई कि वो कैसे इतनी देर तक सोती रही। वो उठकर बाथरूम की तरफ जा ही रही थी कि तभी घर की कॉल बैल बज उठी।

कमला आगे बढ़ी और दरवाजा खोल दिया और उसे गेट पर राधा के साथ एक बहुत ही सुन्दर नौजवान दिखाई दिया और अपने घर के बाहर सड़क पर उसने तीन महंगी कारे देखी।

राधा:" चाची जी नमस्ते, ये अशोक कुमार जी हैं और आपसे मिलने के लिए आए हैं।

अशोक कुमार ने आगे बढ़कर कमला के पैर छुए और कमला रास्ते से हट गई और बोली:"

" आइए साहब अंदर अा जाएए आप।

अशोक घर के अंदर घुसते हुए बोला:" साहब मत बोलिए मा जी आप। मैं तो आपके बेटे जैसा हूं।

अशोक कुमार के साथ साथ ही उसके मम्मी पापा और बहन घर के अंदर अा हुए। कमला को समझ नहीं आ रहा था कि ये सब कौन हैं और अचानक से कैसे अा गए। अशोक और मम्मी पापा घर के अंदर पड़े हुए बेड पर बैठ गए और कमला अंदर कमरे में घुस गई और अजय को उठाने लगी।

कमला:" अरे अजय बेटा उठो तो 10 बज गए हैं।

अजय हल्की नींद में बोला:" अरे मम्मी सोने दो ना आप मुझे। नींद अा रही हैं अभी बहुत।

कमला:" देखो सुबह ही मेहमान अा गए हैं घर। जल्दी उठो तुम।है भगवान ये मेरी बेटी के रिश्ते के लिए आए हो।

अजय अपनी मा की बाते सुनकर जल्दी से उठा और अपने आप को एक बार शीशे में देखा और फिर बोला:"

" क्या हुआ मम्मी, कौन आया है ? क्या दीदी के रिश्ते के लिए आए हैं क्या?

कमला:" पता नहीं बेटा, लेकिन कोई बड़े लोग हैं और काफी भले भी लग रहे हैं मुझे तो।

अजय बाहर निकल गया और अशोक को देखते ही उसने उसे प्रणाम किया और अशोक उसे पहचान गया। रात उसे देख कर अशोक को जहां अजय पर गुस्सा अा रहा था वहीं अब जैसे ही उसे पता चला कि वो सौंदर्या का भाई हैं तो उसे प्यार से मुस्करा कर देखा।

अजय आगे बढ़ा और अशोक के मम्मी पापा के पैर छुए और फिर घर से बाहर चला गया। अजय दुकान पर गया और नाश्ते और खाने का सामान खरीदने लगा। वहीं दूसरी तरफ राधा सौंदर्या के कमरे में गई और देखा कि वो सो रही है तो उसे उठा दिया और बोली:"

"पागल लड़की उठ जा जल्दी से, अब मत देख अब तो तेरी किस्मत भी जाग गई है।

सौंदर्या ने नींद से भरी हुई आंखो से राधा की तरफ देखा और अंगड़ाई लेते हुए बोली:

" क्या बकवास कर रहीं हैं तू सुबह सुबह ? ऐसा क्या हो गया ?

राधा:" हाय मेरी बन्नो, अशोक कुमार जो रात मिला था शादी में अपने मा बाप को लेकर अा गया है तेरा हाथ मांगने के लिए। लगता है अब तेरी सारी अंगड़ाई खत्म हो जाएगी।

सौंदर्या को जैसे उसकी बात पर यकीन ही नहीं हुआ और उसने धीरे से बाहर कि तरफ देखा तो उसे यकीन हो गया और उसकी चेहरा शर्म से लाल पड़ गया।

राधा:" अब शर्मा मत, जा जल्दी से नहाकर अा जा, मैं चाय बना देती हूं और तुझे लेकर जाना होगा उनके बीच।

सौंदर्या धीरे से बाथरूम में घुस गई और जल्दी ही नहाकर अा गई और बिल्कुल एक ताजे खुले हुए गुलाब की तरह लग रही थी। उसने एक पीले रंग का सुंदर सा सूट पहना और अपने बालो को कंघा किया और उसके बाद अपनी मा के पास रसोई में चली गई जो कि चाई बना चुकी थी।

अजय दुंकान से सामान लेकर अा गया था और बाहर अशोक के पास बैठा हुआ था जो बार बार उधर इधर अपनी नजरे दौड़ा रहा था। तभी कमला सौंदर्या के साथ अाई जिसके हाथ में चाय की ट्रे थी और वो शर्माती हुई मंद मंद मुस्कुराती हुई आगे बढ़ गई। सौंदर्या को देखते ही अशोक की बहन और उसके मा बाप की आंखे खुली की खुली रह गई। सच में ऐसी अद्भुत सुन्दरता उन्होंने पहले कभी नहीं देखी थी।

अशोक की बहन ने उसके हाथ से ट्रे ले ली और सौंदर्या को बैठने का इशारा किया और सौंदर्या उसके पास धीरे से बैठ गई।

अशोक की मम्मी:" देखो कमला बहन हम बिल्कुल साफ बोलने वाले हैं और सीधी बात हमे आपकी लड़की बेहद पसंद हैं। आप ये लड़की हमारी झोली में डाल दीजिए।

अशोक की मम्मी ने चाय पीते हुए ये बात कही और कमला को सुनकर सुकून मिला और सौंदर्या को भी राहत मिली कि उससे ज्यादा पूछताछ नहीं हुई नहीं तो आज कल तो लड़के वाले हर तरह के सवाल जवाब करते हैं।

अशोक के पापा:" देखिए कमला बहन भगवान कि दया से घर में सब कुछ हैं, किसी चीज की कमी नहीं हैं बस मेरे बेटे के लिए एक बहु की कमी थी और वो भी आज पूरी हो गई। अपनी बेटी हमे दे दीजिए आप।

इतना कहते हुए उन्होंने अपने दोनो हाथ कमला और अजय के आगे जोड़ दिए। कमला तो खुशी के मारे फूली नहीं समा रही थी। घर बैठे बैठे ही इतना बढ़िया रिश्ता मिलना सच में बड़ी किस्मत की बात थी।

कमला: जी भाई साहब हाथ मत जोड़िए आप। हर मा की इच्छा होती है कि उसकी बेटी को एक अच्छा वर और प्यार करने वाला परिवार मिले। सच में आपकी बाते दिल को छू रही हैं। मेरी बेटी आज से आपकी हुए।

अशोक की मम्मी ने इतना सुनते ही बैग से मिठाई निकाली और कमला के साथ साथ सभी का मुंह मीठा कराया। अशोक के पापा अशोक से बोले:"

" अरे बेटा गाड़ी में पंडित जी बैठे हुए है। आज ही कुंडली भी मिला जाएगी और अच्छा मुहूर्त देखकर सगाई और फिर एक महीने के अंदर ही शादी कर लेंगे।

अशोक उठकर बाहर की तरफ चला गया जबकि पंडित और कुंडली मिलान की बाते सुनकर अनजाने भय से कमला और सौंदर्या दोनो परेशान हो गईं। कमला का दिल तेजी से धड़कने लगा और वो मन ही मन भगवान को याद करने लगी। वहीं सौंदर्या को हल्का पसीना अा गया और उसकी समझ में नहीं अा रहा था कि वो क्या करे।

अशोक की मम्मी:" कमला बहन आप सौंदर्या की कुंडली के आइए। आज की ये रस्म पूरी हो जाए तो अच्छा रहेगा।

कमला ना चाहते हुए भी उठ गई और घर के अंदर की तरफ चल पड़ी। उसने सौंदर्या की कुंडली को देखा और उसे हाथ में लेते ही कांप उठी और डर के मारे उसका पसीना छूट गया। उसे ऐसा लग रहा था मानो उसने भूत देख लिया हो।

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