प्यारी और सेक्सी मामी की चुदाई

प्यारी और सेक्सी मामी की चुदाई

मस्त सेक्स कहानी में मेरी मामी मस्त माल हैं. एक बार मैं दोस्त के साथ उनके शहर में था तो उन्होंने मुझे घर बुला लिया रुकने के लिए. रात को मैं दारू लाया और दोस्त के साथ पीने लगा.

सभी लंड और चूत को मेरा नमस्कार!

आप सब कैसे हो!

आशा करता हूँ कि आप अच्छे हो.

दोस्तो, मेरा नाम शिवा है।

मैं 25 साल का नौजवान लड़का हूँ; सेक्स के लिए हमेशा तैयार रहता हूँ।

मेरे लिंग का साइज 5.6 इंच और 2.5 इंच मोटा है, एक आम भारतीय की तरह।

लेकिन स्टैमिना बहुत अच्छा है।

यह मस्त सेक्स कहानी मेरे और मेरी मामी के बारे में है।

अब देर न करते हुए मैं अपनी मस्त सेक्स कहानी पर आता हूँ।

मेरी मामी का नाम सोनल (बदला हुआ नाम) है।

उनका फिगर 34-32-36 का है।

एकदम दूध से भी ज्यादा गौरा।

कोई भी देखे तो बिना चोदे रह न पाए।

जब मामी घर से बाहर निकलती हैं तो बच्चे से लेकर बूढ़े तक के लौड़े खड़े हो जाते हैं।

यह घटना 1 साल पहले की है।

मेरी मामी मुंबई में एक कंपनी में जॉब करती हैं।

वहाँ वह अकेली रहती हैं।

एक दिन मैं और मेरा दोस्त किसी काम से मुंबई गए हुए थे।

अपना काम खत्म करके घर ही जा रहे थे।

अचानक से मामी का फोन आया।

उनसे नॉर्मली बात हुई।

फिर उन्होंने कहा, “कहाँ हो शिवा?”

मैंने कहा, “मुंबई।”

तो मामी ने कहा, “तो फिर घर आ जाओ! 2 से 3 दिन रुक कर जाना।”

मैं हमेशा से मामी के साथ टाइम बिताना चाहता था और उन्हें चोदने की सोचा करता था।

शायद वो दिन आ ही गया।

मैंने मामी से लोकेशन सेंड करवाई।

मैं और मेरा दोस्त 1 घंटे के अंदर मामी के फ्लैट पर पहुँच गए।

मामी ने गले लगाया तो उनके चुचे मेरे सीने पर टच होते ही मेरे लंड में जैसे करंट सा दौड़ गया हो।

एकदम से किसी लोहे की रॉड की तरह एकदम सीधा मामी की चूत से जा टकराया।

मामी को भी मेरे खड़े लंड का अहसास हो गया।

वे वह झट से दूर हो गईं मुझसे!

फिर हम फ्लैट के अंदर गए।

मामी ने कहा, “फ्रेश हो जाओ, मैं चाय-पानी लाती हूँ।”

मैं और मेरा दोस्त फ्रेश हुए।

फिर मामी ने चाय और नमकीन दी।

हम तीनों ने चाय पी और आराम से उनके बेडरूम में AC ऑन करके लेट गए।

शाम हो गई।

मैं और मेरा दोस्त बाहर घूमने चले गए।

मामी खाना बनाने में बिजी हो गईं।

हम दोनों बाहर से एक व्हिस्की की बोतल और एक सिगरेट का पैकेट लेकर घर आ गए।

मामी के फ्लैट में 2 रूम थे।

तो दूसरे रूम को अंदर से लॉक करके हम पेग लगा रहे थे.

कि बाहर से मामी की आवाज आई, “क्या कर रहे हो?”

हमने कहा, “कुछ नहीं।”

हमने दारू छुपा दी और गेट खोल दिया।

मामी अंदर आईं और उनको दारू की खुशबू आ गई।

वे बोलीं, “छुपा के क्यों पी रहे हो? निकाल लो जहाँ रखी है, मैं भी पी लेती हूँ!”

फिर क्या था, हम तीनों साथ में पीने लगे।

मैंने एक सिगरेट सुलगाई।

एक-दो कश लिए ही थे कि मामी ने हाथ से सिगरेट ले ली।

मेरा दोस्त ज्यादा पीता है तो सो जाता है।

और उसने वही किया— पी कर वहीं सो गया।

अब मैं और मामी ही पी रहे थे।

हम दोनों ने पूरी बोतल खत्म की।

फिर मैं बोला, “मामी, कम पड़ गई मेरे लिए तो!”

मामी अपने बेडरूम में गईं और एक बोतल और निकाल लाईं, बोलीं, “ये लो, बनाओ पेग अपना और मेरा।”

फिर हमने 3-3 पेग और पिए।

फिर मामी ने खाना लगाया।

हम दोनों ने एक साथ एक ही थाली में खाना खाया।

मैं अपने दोस्त के साथ सोने चला गया।

मामी अपने बेडरूम में चली गईं।

रात के करीब 12 बज रहे थे।

मामी एक रेड कलर की नाईटी में मेरे पास आईं और मुझे उठाते हुए बोलीं, “मुझे नींद नहीं आ रही है। तुम मेरे बेडरूम में सो सकते हो।”

मैंने कहा, “बिल्कुल, चलो!”

फिर मामी और मैं एक ही बेडरूम में दूरी बनाकर सोने लगे।

मुझे नींद आ गई और मैं सो गया।

करीब 2 घंटे बाद आँख खुली तो देखा— मामी मुझसे बिल्कुल चिपक कर सोई हुई थीं।

उनका हाथ मेरे सीने पर और पैर मेरे लंड पर रखा था।

मुझे कुछ अजीब सा लगा।

मेरे अंदर हवस जागने लगी और लंड सख्त हो गया।

फिर क्या, मैंने मामी के चुचे दबाना चालू कर दिया और एक हाथ नाईटी के अंदर डाल दिया।

इतने में मामी थोड़ा सा हिल गईं और सिसकारियाँ लेने लगीं।

थोड़ी देर बाद वे मुझे लिप किस करने लगीं।

फिर क्या था, रास्ता बिल्कुल साफ।

मैंने भी किस में साथ दिया।

10 मिनट तक चूमा-चाटी के बाद मैंने उनको पूरा नंगा कर दिया और उन्होंने मुझे!

फिर मैं मामी के चुच्चे चूसने लगा और चुच्चे चूसते-चूसते नीचे चूत तक आ गया, अपनी जीभ से मामी की चूत चाटने का मजा लेने लगा।

मामी को मजा आने लगा।

वे सिसकारियाँ लेते-लेते, “आह! ओह्ह! माय गॉड!” करते-करते मेरे मुँह में ही झड़ गईं।

मैं उनका पूरा रस पी गया।

फिर मैंने अपना लंड उनके मुँह के तरफ किया तो उन्होंने जल्दी से अपने मुँह में ले लिया और चूसने लगीं।

मैं तो मानो जन्नत में पहुँच गया।

15 मिनट चूसने के बाद उनके मुँह में ही झड़ गया।

उन्होंने चाट कर सब साफ कर दिया।

फिर बोलीं, “मेरे राजा, अब कितना तड़पाएगा अपनी मामी को? जल्दी से मेरी आग बुझा दे!”

मैंने बोला, “इतनी जल्दी क्या है!”

और अपना लंड खड़ा करके उनकी चूत को रगड़ने लगा।

चूत पर सेट करके एक जोरदार धक्का मारा।

मेरा आधा लंड उनकी चूत में घुस गया और उनकी हालत खराब हो गई।

मैं 1 मिनट रुका और एक बहुत जोरदार धक्का मारा, पूरा लंड चूत में पेल दिया और धक्के पर धक्का लगाता रहा।

थोड़ी देर बाद उन्हें भी मजा आने लगा और अपनी गाँड उठा-उठा कर लंड लेने लगीं।

मामी 15 मिनट में 2 बार झड़ चुकी थीं लेकिन मेरा कुछ भी नहीं हुआ था।

मैं उनको 30 मिनट तक नॉनस्टॉप चोदता रहा।

फिर मेरा भी होने वाला था।

मैंने बोला, “कहाँ निकालूँ?”

मामी ने कहा, “अंदर ही निकाल दो! मुझे फील करना है!”

और 12 से 15 धक्कों में मैंने उनकी चूत को अपने रस से पूरा भर दिया।

निढाल होकर मैं उनके ऊपर ही लेट गया।

थोड़ी देर बाद लंड बाहर निकाला और नंगा ही उनसे चिपक कर सो गया।

सुबह हुई।

मामी तो जाग गई थीं और मेरे लिए कॉफी लाईं।

एक प्यारी सी मुस्कान के साथ बोलीं, “अब उठ जाओ, सुबह हो गई है!”

थोड़ी देर में मेरा दोस्त भी वहीं आ गया और मुझे ऐसी हालत में देख कर हँसने लगा, बोला, “सही है भाई! तेरा तो रात में कितने राउंड लगाए?”

तो दोस्तो, आपको मेरी कहानी कैसी लगी मामी के साथ वाली?

अगर कोई भी मुझसे कॉन्टैक्ट करना चाहता है तो इस पर मेल कर सकता है।

आगे भी ऐसी ही सेक्सी कहानियाँ लाता रहूँगा आपके लिए।

और आशा है कि मेरी मस्त सेक्स कहानी सुनकर लड़की अपनी चूत में उँगली जरूर करेगी और लड़का बिना मुठ मारे नहीं रह पाएगा!

Text size
Theme