दो दो चाचिय - भाग १
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दो दो चाचिया
में तब 13 साल का था और नाइंत क्लास में आया था. मेरे मा बाप गाओं में रहते थे, और वो चाहते थे की में आगे की पढ़ाई में शहर जा कर करू. मेरे दो चाचा शहर में रहते थे, पिताजी ने मुझे उनके यहा पढ़ाई के लिए भेज दिया. मेरे बड़े चाचा के साथ मे रहने लगा. उनके घर में चाचा रहते थे जो टीचर थे और गाओं मे पोस्टिंग थी, चाचा गाओं मे ही रहते थे और शनिवार की रात ही घर आते थे और सोमवार की सुबह वापस चले जाते थे. चाचा 35 साल के थे और चाची 27 की, उनके एक लरका था जो 3 साल का था और एक लर्की जो अभी दो महीने पहले पैदा हुई थी. चाचिजी अभी भी उसको दूध पिलाती थी. मेरी नज़र अक्सर उनकी छातिओ पर पड़ जाती थी, जो दूध से भरी हुई होती थी और कम से कम 40 इंच की थी. चाचिजी सावले रंग की थी. उनकी कमर भी मोटी थी और गांद भी. उनके निपल्स काले- भूरे रंग के थे. कई दफे वो बची को दूध पिलाते पिलाते सो जाती तो मे उनके बूब्स तबीयत से देखता.
बड़े चाचा के साथ ही सटा हुआ था छ्होटे चाचा का मकान, उनकी शादी को कोई दो साल हुए थे. चाचा की उम्र थी 25 साल और चाची कोई 18-19 की थी. छ्होटी चाची बड़ी चाची से बिल्कुल विपरीत थी. वो एकद्ूम गोरी और स्लिम थी. उनकी हाइट 5फ्ट 4 इंच थी और उनकी चुचिया शायद 34 साइज़ की थी. कमर पतली थी और गांद का साइज़ शायद 36 होगा. छ्होटे चाचा भी सरकारी नौकरी में थे और उनको कई बार 15 -15 दिन के लिए टूर पर जाना परता था. मेरी बरी चाची का नाम था विमला और छ्होटी का सुनीता. घर में एक नोकरानी काम करने आती थी जिसका नाम था कमला, वो छ्होटी उम्र में ही विधवा हो गयी थी. उसका लगभग पूरा दिन हुमारे घर में ही बीतता था.
छ्होटी बच्ची के कारण बरी चाची मुझ पेर ज़्यादा ध्यान नही दे पति ओर छ्होटी चाची ही मुझे तय्यार करती और स्कूल भेजती थी. दोनो घरो के बीच में एक चॉक था, जहाँ सर्दिओ में दोनो चाचिया आराम से कापरे खोल कर नहा लेती थी. में भी यही नहाता था खास तौर पेर सरदीओ में. कमला भी अक्सर हुमारे चोवोक में ही नहाती थी. चाचा अक्सर बाहर होते थे इसलिए में छ्होटी चाची के साथ ही सोता था. जब छ्होटे चाचा आते तो में लॉबी में या बड़ी चाची के साथ सोता था. एक दिन कुछ समय मेरी नज़र कुछ किताबो पेर पड़ी. इनमे चाची की चुदाई की कहानिया भी थी. पढ़ते पढ़ते मेरी नूनी भी टन जाती थी. में इनको अक्सर चोरी चोरी पढ़ता. अलग अलग मुद्राओ में चुदाई के फोटो वाली भी वाहा पेर थी. में उनको भी अपनी कोर्स की किताब में डाल कर पढ़ता. एक दिन कोई फिल्म की सीडी तलाशते तल्षटे मेरे हाथ ब्लू फिल्म की सीडी भी लग गयी , छ्होटे चाचा ने कम से कम 10-12 ब्लू फिल्म की सीडी च्छूपा रखी थी, बड़े चाचा की कमरे में भी इतनी ही सीडी पड़ी थी. मौका लगते ही में उनको भी चोरी चोरी देखता और चाचीॉ के बारे मे सोच मुट्ठी मरता. मेरा लंड बस जवान होने को था.
एक दिन छ्होटे चाचा घर आए हुए थे. मे लॉबी मे सो रहा था. रात मे मुझे ज़ोर की सूसू लगी. बाथरूम की तरफ जर आहा था तो छ्होटे चाचा के बेडरूम से कुछ अजीब सी आवाज़े आ रही थी. कमरे का दरवाज़ा खुला हुआ था, बस हल्का सा परदा खिछा हुआ था मुझसे रहा नही गया, मे पर्दे के पीछे जा कर अन्दर चुपचाप देखने लगा. अन्दर अलग ही नज़ारा था. छ्होटी चाची ने अपनी दोनो टाँगे मॉड़ कर चाचा की कमर पेर लपेटी हुई थी और उनके दोनो हाथो ने चाचा की गांद कस कर पकरी हुई थी चाचा का लंड चाची की चूत के अंडर बाहर आ जर आहा था. चाची बोले जा रही थी,' चोदो राजा और ज़ोर से, मेरी चूत की आग शांत कर दो, इतने दीनो से इसको लंड मिला है, मारो मेरी ज़ोर से, फाड़ दो मेरी फुददी, चोद चोद कर इसका कचूमर निकल दो, आ श ऊवू,,' वो बोल रही थी और चाचा के स्ट्रोक्स के साथ अपनी गांद हिला रही थी. चाचा भी ज़ोर ज़ोर से स्ट्रोक्स लगा रहे थे,' ये ले रंडी तेरी चूत मे मूसल, आज मेरा लॉडा तेरी चूत की वो हालत करेगा की आने वेल डूस दिन तक लंड माँगने की इसकी हिम्मत नही होगी,' वो बोले,' हा जान चोद चोद कर फाड़ दो, बुझाओ मेरी चूत की आग,' चाची बोली.' कोई 2 मिनिट मे चाचा झाड़ गये, और चाची से अलग हो साइड मे लेट गये, चाची अभी भी संतुष्ट नही हुई थी और अपनी बालो वाली चूत मे उंगली कर रही थी,' जान इनटी भी क्या जल्दी थी मेरी चूत ने तो पानी छ्चोड़ा ही नही, उन्होने कहा.' " 15 -15 दिन तक तेरी चूत नही मिलती और इसलिए एग्ज़ाइट्मेंट मे जल्दी पानी निकल जाता है जान, तू मेरा लंड चूस कर जल्दी तय्यार कर मे दूसरी बार देर तक चोदुन्गा तुझे,' ये कह कर चाचा ने अपना लंड चाची के मूह मे डाल दिया, चाची उसको लॉलीपोप की तरह चूसने लगी.' मुझे डर लगने लगा मे चुपचाप अपने बिस्तेर पर आया चाची के बारे मे सोच कर मूठ मारी और सो गया. सुबह छ्होटे चाचा वापस बाहर चले गये. मे भी स्कूल चला गया.
दिन मे में पढ़ाई कर रहा था चोटी चाची और कमला की बातचीत मुझे सुनाई दी,' क्यू दीदी रात मे तो खूब महाभारत की लड़ाई हुई होगी?" कमला ने छ्होटी चाची से पूछा,' अरे कमला, हुमारे नसीब मे कहा महाभारत ,' चाची उदास स्वर में बोली,' क्यू दीदी ऐसा क्या हुआ? भैया दिखते तो पूरे मर्द हैं? कमला ने पूछा,' नही कमला वैसे तो पूरे मर्द हाइन बस मैदान में ज़्याद टिक नही पाते,' चाचिजी ने कहा.' ओह मतलब पानी जल्दी छूट जाता है?" कमला ने पूछा,' हा कमला,' चाचिजी ने जवाब दिया." छ्यूटेगा ज़्यु नही दीदी आप हो ही इतना गरम माल फिर मर्द इतने दिन बिना चुदाई के रहेगा तो उसका पानी तो एक मिनिट मे निकलेगा ही,' कमला हस्ते हुए बोली. " मेरी चूत तो प्यासी ही रह गयी कमला,' चाचिजी बोली.' मे कुछ करू दीदी?" कमला ने पूछा.' अब तू क्या करेगी तेरे पाओ के बीच मे लंड थोड़े ही उगा हुआ है?" चाचिजी ने कहा. " आप मुझे कह के तो देखो आपकी चूत की आग तो मे बुझा कर मानूँगी,' कमला बोली.' ठीक है कमला अब मेरी चूत तेरे हवाले लेकिन अगर मेरी छूट की आग नही बुझी तो मे तेरी गांद मार दूँगी,' चाचिजी हस्ते हुए बोली,' मार लेना दीदी मेरी गांद को भी ठंडक मिलेगी,' कमला हस्ते हुए बोली. मुझे लगा दोनो औरते एक दूसरे से बहुत ज़्यादा खुली हुई हाइन.
मे रात का इंतज़ार करने लगा, मुझे पता था आज छ्होटी चाची की चूत के लिए कमला कुछ सामान ज़रूर जुटाएगी. छ्होटी चाची रात में 8 बजे खाना खा कर नहाई फिर उन्होने एक सेक्सी नाइटी पहनी. काले रंग की नाइटी में छ्होटी चाची की काली चड्डी सॉफ दिखाई दे रही थी और उनकी गांद की दोनो फांके सॉफ झलक रही थी. छोटी चाची ने ब्रा नही पहनी थी और उनके छ्होटे और कसे हुए बूब्स सॉफ दिखाई दे रहे थे. छ्होटी चाची के निपल्स एकद्ूम पिंक थे, मुझे लगा इनकी चूत भी एकद्ूम गुलाबी होगी. कमला ने सारे काम जल्दी ही निपटा दिए, वो घर मे काम करते समय सिर्फ़ ब्लाउस और पेटिकोट पहनती थी. उसका पेटीकोआट अक्सर उसकी मोटी गांद के बीच फस जाता और मुझे अंदाज़ हो जाता की वो चड्डी नही पहनती.
नौ बजे ही छ्होटी चाची ने मुझे दूध दिया और बत्ती बुझा दी,' रमेश अब तुम सो जाओ, सुबह जल्दी उठ कर तुमको स्कूल जाना है,' ये कह कर चाची ने मुझे चादर ओढ़ा दी और मेरे सिर पेर किस कर के चली गयी,' चाची से अच्छे पर्फ्यूम की खुश्बू आ रही थी.
कमला चोटी चाची के कमरे मे चली गयी, दोनो के हस्ने की आवाज़े आ रही थी, कोई दस मिनिट बाद छ्होटी चाची ने कहा,' कमला जाकर देख तो लो रमेश जग तो नही रहा?" कमला बिना आवाज़ किए मेरे पास आई और मुझे गौर से देखा, उसको यकीन हो गया की मे गहरी नींद मे हू,' दीदी रमेश भैया तो गहरी नींद मे हॅ, अब देर करने से क्या फायडा,' वो बोली. थोड़ी देर बाद छ्होटी चाची के कमरे से ब्लू फिल्म की आवाज़े आनी लगी.
मुझे लगा की अब दोनो औरते अपने कार्यक्रम मे मस्त होगी तो मे चुपचाप उनके कमरे की तरफ गया, अन्दर नाइट लॅंप जल रहा था. मे पर्दे के पीछे छुप गया. अंडर देखा तो दंग रह गया. छ्होटी चाची बिस्तेर पर टाँगे चौरी कर के लेटी हुई थी. उनके गोल और टाइट बूब्स जैसे बाहर को कूदने को लालायित थे. उपर की गुलाबी चुचिया एकदम बंदूक की गोली की नोक की तरह सख़्त हो रखी और नुकीली हो रखी थी. कमला भी एकद्ूम नंगी थी. उसकी नंगी और पहार जैसी काली गांद मेरी तरफ थी, और वो चाची की चूत चाट रही थी, चाची ने उसके बाल पकरे हुए थे,' कमला तेरी जीब तो लंड से भी ज़्यादा मज़ा दे रही है,' चाची बोली,' दीदी मेरी जीभ जानती है आपकी चूत को कहा कहा कितना प्रेशर चाहिए, लंड तो अँधा होता है चूत की ठुकाई कर अंडर पानी डाल कर चला जाता है,' कमला ने कहा और उसकी चूत चाटने की आवाज़ें और चाची की ऊओह आ की आवाज़ें टेक्स हो गयीं,' कमला तू तो पूरी रंडी है चूस मेरी जान चूस मेरी चूत, बहुत मज़ा आ रहा है,' चाची ने कहा,कमला अब जीभ और अंडर डाल कर जीभ से चाची की चूत को चोद रही थी, छ्होटी चाची हवा मे गांद उठा उठा कर कमला की जीभ को चूत दे रही थी,' चोद कमला चोद मुझे चोद रानी और ज़ोर से चोद, मेरी चूत आज से तेरी गुलाम है, चोदति जा रानी,, ऊऊऊहह आआआआआहह बहुत मज़ा आ रहा है तेरी जीभ पर मेरी चूत अपना पानी छ्चोड़ने वाली है,' चाची बोली और कस कर कमला के बॉल पाकर लिए. चाची की साँस फूल रही थी, कमला गतगत उनकी गुलाबी चूत का रस पी रही थी. " दीदी आपकी चूत क्या है ,अंगूर का मीठे दाना है,' कमला बिली.' चाची शर्मा गयी, बोली,' धत्त!'
" अब मेरा क़र्ज़ उतरो दीदी,' कमला बोली और टाँगे चोरी कर के लेट गयी, चाची अब उसकी टॅंगो के सामने थि.खम्ल की चूत एकद्ूम सॉफ थी.' उसकी चूत के मोटे काले हॉट मुझे सॉफ दिखाई दे रही थी. कमला की चूत के काले होटो के बीच से झांते चूत के अंडर के मोटे काले होट भी दिख रहे थे. कमला की चूत से चाची की चूत ठीक उल्टी थी, अब चाची की गांद मेरी तरफ थी इसलिए वो सॉफ दिख रही थी. चाची की चूत ऐसा लगता था जैसे किसी 14 साल की लर्की की चूत हो एकद्ूम सॉफ और टाइट. चाची ने अपनी ड्रॉयर से एक नक़ली लंड निकाला उसको निरोध पहनाया और कमला की चूत मे घुसा दिया. चाची अब कमला को चोद रही थी, कमला दो मिनिट मे ही गरम हो गयी,' चोदो दीदी इस रंडी का भोसड़ा इस लॉर से,' कमला ने कहा और वो गलिया बोलने लगी,' ओह मदारचोड़ ऊवू भेन्चोद क्या लंड है फाड़ दो इस से मेरा कला भोसड़ा और ज़ोर से चोदो,' ये कह कर कमला अपने मोटे मोटे काले चूटर हवा मे उछालने लगी.' उसके बड़े बड़े 42 इंच के लगभग के बूब्स भी उछाल रहे थे और काले मोटे निपल्स एकद्ूम तने हुए थी, चाची बीच बीच मे उसके निपल्स मसल देती थी. कमला को 3-4 मिनिट मे ओर्गस्म हो गया, उधर ब्लू फिल्म अभी भी चल रही थी, उसमे एक जवान लरके का लंड दो बुद्दी औरते चूस रही थी, मेरा लंड पत्थर की तरह हो रखा था, और उत्तेजना से इतना पानी निकला की मेरा निक्केर गीला हो चुका था, मैने एग्ज़ाइट्मेंट मे निक्केर नीचे सरका दिया और उन दोनो की काम लीला देख कर मूठ मार रहा था. चाची के झरने के साथ ही मेरे पहला वीर्यपात हो चुका था, लेकिन लंड फिर भी शांत नही हुआ मे दूसरी बार मुति मार रहा था, अब जैसे ही दोनो औरते झाड़ गयी मेरी नज़र ब्लू फिल्म पर थी, वाहा एक औरत अब उस लरके का सुपरा चूस रही थी तो दूसरी उसके आँड चाट रही थी. मे ये देख ही रहा था की मुझे पता ही नही चला की कमला और छ्होटी चाची बाथरूम जाने के लिए रूम से बाहर जाने लगी थी, कमला मुझे देख कर लगभग चीखी ,' अर्रे तुम यहा क्या कर रहे हो,' मुझे कुछ समझ नही आया,' सूसू करने आया था,' मैने कहा और फूले हुए लंड को निक्केर मे ठुसने की कोशिश करते हुए भाग कर बिस्तेर पर आ कर चुपचाप लेट गया.
मे सोया ही थी की कमला अंडर आई और नाइट लॅंप जला दिया. वो मेरे पास आकर बोली,' रमेश भैया, क्या हुआ, आपो नींद नही आ रही क्या?' मे सोने की आक्टिंग करने लगा मगर कमला मुझे ज़ोर से झिन्झोर्ने लगी, अब सोने की आक्टिंग करना बेकार था, मैने ऐसा ज़ाहिर काइया जैसे मे नींद से उठा हू,' क्या हुआ कमलाजी?' मैने पूछा. कमला ने मुझे आंक मारी और बोली,' अब आप सोने की आक्टिंग बंड करो और जल्दिसे बताओ पर्दे के पीछे क्या कर रहे थे नही तो मे अभी चाचिजी को बुलाती हू,' उसने कहा, मेरे पसीने छ्छूट गये,' कुछ नही मुझे सूसू लग रहा था बाथरूम जा रहा था, चाचिजी का रूम खुला देख कर अंडर झाँकने लग गया,' मैने कहा.' देखो बाथरूम तो लॉबी से अटॅच है इसके लिए इसके लिए वाहा आने की ज़रूरत कहा, और फिर तुमने अपनी नुन्नि तो पहले ही बाहर निकल रखी थी, क्या पर्दे के पीछे सूसू करने वेल थे?' ये कह कर कमला हस्ने लगी.
मेरे पसीने छ्छूट रहे थे और मे लंड को दबा कर बैठा हुआ था,' चलो आओ मे तुमको सूसू करवा लाती हू वैसे भी तुम बिना सूसू किए हुमको देख कर लेट गये आओ चलो नही तो बिस्तेर गीला हो जाएगा,' कमला मुस्कराते हुए बोली. मुझे कतो तो खून नही,' नही मुझे अब सूसू नही आ रही,' मैने कहा,' जल्दी चलो बातरूम मे नही तो मे छ्होटी चाचिजी को भी बुला लूँगी हम दोनो तुमको पाकर कर ज़बरदस्ती सूसू करवाएँगे,' कमला बोली तो डर के मारे मेरी गांद गले मे आ गयी और मे उठ खड़ा हुआ. हालाँकि मैने घुटने मोर रखे थे मगर निक्केर मे ताना हुआ लंड कैसे छुपाता. बाथरूम पहुच कर मैने कहा,' मे खुद सूसू कर लूँगा अब आप जाओ.'" ऐसे कैसे कर लोगे आज तो मे ही तुमको सूसू कर्वौन्गि ,' कमला ने कहा और मेरे निक्केर को उतारने लगी, मे नही नही करता रहा मगर तब तक तो मेरा निक्केर घुटनो तक नीचे खिच चुका था और लंड उछाल कर बाहर आ चुका था,' रमेश बाबू ऐसे तो सूसू कैसे करोगे तुम्हारी नूनी तो तनी हुई है जब तक ये बैठेगी नही सूसू उतेरगा नही,' कमला बोली और धीरे धीरे मेरे लंड के आगे की चमरी आयेज पीछे करने लगी. थोरे दीनो पहले ही मैने मूठ मार मार कर आयेज की चमरी पीछे खिसकाई थी मगर अभी भी वो आसानी से पूरी पीछे नही जाती थी और दर्द भी होता था, कमला ने साबुन लिया और उसको चमरी पर रग़ाद दिया इसके बाद वो धीरे धीरे चमरी को पूरा आगे पीछे करने लगी. मेरी हालत खराब थी. कमला ने लंड को मुति मे कस कर पकरा हुआ था मुझे अछा भी लग रहा था , कोई दो मिनिट भी नाहू हुए थे की मेरा फव्वारा छ्छूट गया जो कमला की च्चती पर गिरा, ब्लाउस मे से उसके माममे सॉफ दिख रहे थे. " तो पर्दे के पीछे ये काम हो रहा था रमेश बाबू,' कमला हस्ते हुए बोली,' ये तो हम से ही करवा लेते क्यू अपने हाथ को तकलीफ़ देते हो,' कमला बोली. मेरा लंड मुरझा रहा था और छ्होटा हो गया था,' अब मूतने की कोशिश करो रमेश बाबू,' ये कह कर कमला मूह से सी सी की आवाज़ निकालने लगी जैसे छ्होटे बचे को मूटा रही हो, थोड़ी देर मे मेरा मूत निकला, कमला ने लंड के च्छेद पर तंगी बची खुचि बुनो को हाथ से सॉफ काइया और मुझे निक्केर वापस पहना दिया,' आप छ्होटी चाची को तो ये नही बताओगे?' मैने पूछा,' अगर तू मेरी सारी बात मानेगा तो नही कहूँगी , बोल मानेगा?' उसने कहा,' मे बोला,' आप जो कहोगे मे करूँगा बस आप चाचिजी को कुछ मत बताना.' " चल अब बिस्तेर पर जाकर सो जा तुझे सुबह जल्दी उठ कर स्कूल जाना है,' कमला बोली और वापस छ्होटी चाची के कमरे मे चली गयी इस बार मेरी अंडर झाँकने की हिम्मत नही हुई.
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